जिस ‘सामरी’ को देख कभी डर से कांपने लगते थे लोग, आज इस तरह जिंदगी जी रहा है बॉलीवुड का सबसे डरावना ‘भूत’

samri-is-how-now

बॉलीवुड में एक दौर वो भी आया जब एक के बाद एक कई हॉरर फिल्में रिलीज हुईं। इन फिल्मों ने दर्शकों को खूब डराया। रामसे बंधुओं ने इसमें बाजी मारते हुए सबसे शानदार काम किया। उनकी फिल्मों के डरावने किरदार कई सालों बाद भी दर्शकों के जहन में हैं। इन्हीं में से एक किरदार था सामरी, जिसे अनिरुद्ध अग्रवाल ने बखूबी निभाया था। अनिरुद्ध ने रामसे बंधुओं की सिर्फ तीन फिल्मों में काम किया लेकिन उनकी लाजवाब अदाकारी ने उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे डरावना किरदार निभाने वाला अभिनेता बना दिया।

अनिरुद्ध अग्रवाल

अनिरुद्ध अग्रवाल का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था। साल 1974 में उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरा किया और फिर नौकरी करने लग गए। लेकिन उन्हें एक्टिंग का बहुत शौक था। यही शौक उन्हें बॉलीवुड तक ले आया और वह हिंदी फिल्मों के सबसे डरावना किरदार निभाने वाले अभिनेता बन गए। 

अनिरुद्ध अग्रवाल

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक बार बीमारी की वजह से अनिरुद्ध ने दफ्तर से छुट्टी ले ली तभी उनसे किसी ने रामसे बंधुओं से मिलने को कहा। अनिरुद्ध ने बीबीसी से बातचीत में कहा था- ‘जब रामसे बंधुओं ने मुझे पुराना मंदिर ऑफर की तो मैंने नौकरी छोड़ दी। मैं एक्टर बनना चाहता था और यही मौका था। मैंने इसे झटक लिया। फिल्मों में मेरी रुचि थी तो मुझे लगा कि मुझे और मौके मिलेंगे। मैंने करियर बदल लिया।’

अनिरुद्ध अग्रवाल

अनिरुद्ध की कद काठी ऐसी थी जो खूंखार दरिंदे के किरदार पर बिलकुल फिट बैठती थी। इसके लिए उन्हें ज्यादा मेकअप भी नहीं करना पड़ता था। उनका खतरनाक गेटअप दर्शकों को डराने के लिए काफी थी। इसी बात को रामसे बंधुओं ने पहचान लिया और फिर उन्हें अपनी फिल्मों में मौका दिया। 

अनिरुद्ध अग्रवाल

रामसे बंधुओं के साथ अनिरुद्ध ने एक के बाद एक तीन फिल्में कीं। पुराना मंदिर सुपरहिट हो गई और लोग सामरी से खौफ खाने लगे। इसके बाद अनिरुद्ध 1990 में रामसे की फिल्म बंद दरवाजा में दिखे। इस फिल्म ने भी जबरदस्त कमाई की। अनिरुद्ध ने The Jungle Book (1994) और Such a Long Journey (1998) जैसी हॉलीवुड फिल्मों में भी काम किया। हालांकि कुछ समय बाद जब बॉलीवुड में हॉरर फिल्मों का दौर खत्म हुआ तो धीरे-धीरे अनिरुद्ध को भी ऑफर मिलना बंद हो गए। बाद में एक बार फिर अनिरुद्ध इंजीनियरिंग पेशे में लौट गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back To Top